प्रचंड नाग
सन
1933 में हरिजन जगजीवन राम ने गांधीजी की प्रेरणा से "दलित संघ" नामक
संगठन बनाया था । डॉ आंबेडकर को यह शब्द पता होने के बावजूद उन्होने इसका
इस्तेमाल कभी नहीं किया । "दलित पेन्थर्स" ब्राह्मणों के इशारों पर आंदोलन
की दिशा को मोड़ने के लिए चलाया गया आंदोलन था । पेंथर कभी दलित नहीं होता
और पेंथर अगर दलित हुआ तो शिकार नहीं कर सकता । दलित पेन्थर्स को शुरू करने
वाले सभी दलित -दलिद्दर आज ब्राह्मणों के घर पानी भर रहे हैं तथा वहीं से
पुनः निर्देश पा रहे हैं । डॉ आंबेडकर हमें बुद्धिज़्म की ओर ले गए आप हमें
दलिद्दर क्यों बनाना चाहते हैं !
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